Saturday, January 10, 2015

प्रेम करने का अर्थ अपने को खोलना ही नहीं है, बहुत कुछ अपने को छिपाना भी है ताकि दूसरे को हम अपने निजी 'खतरों' से मुक्त रख सकें

@KrAnubhavJha: प्रेम करने का अर्थ अपने को खोलना ही नहीं है, बहुत कुछ अपने को छिपाना भी है ताकि दूसरे को हम अपने निजी 'खतरों' से मुक्त रख सकें



from Twitter RSS Feed : 507797023878164481 http://ift.tt/1KvYLzV

No comments:

Post a Comment