Monday, October 13, 2014

तोड ही डालो दिल एक झटके में. यूं रोज रोज के ज़ख्म बर्दाश्त नहीं होते.

@JhaSweeta: तोड ही डालो दिल एक झटके में.
यूं रोज रोज के ज़ख्म बर्दाश्त नहीं होते.



from Twitter RSS Feed : 507797023878164481 http://ift.tt/1tWrSkr

No comments:

Post a Comment